अखिल भारतीय तहरीक खाकसारान-ए-हक समाजसेवी सुरक्षा समिति (ABTKHSSS) के आधिकारिक दस्तावेज़ (Trust Deed) के अनुसार हमारे प्रमुख लक्ष्य और कार्यक्षेत्र।
त्योहारों के दौरान लोगों की वालंटियर/खाकसारों के माध्यम से मदद करना एवं भीड़ प्रबंधन आदि के लिए शासन/प्रशासन का वालंटियरों/खाकसारों के माध्यम से सहयोग करना एवं बुजुर्गों/बच्चों/महिलाओं की मदद करना।
आपातकाल में लोगों की जान बचाना, खोज-बचाव कार्य करना और प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करना।
सम्पत्तियों, इमारतों और महत्वपूर्ण स्थानों को नुकसान से बचाना तथा क्षतिग्रस्त सम्पत्तियों का बचाव करना।
युद्ध या आपदा के दौरान बिजली, पानी, परिवहन, संचार जैसी आवश्यक सेवाओं को बहाल रखना और व्यवस्थित करना।
त्योहारों के मौकों पर वालंटियरों/खाकसारों के माध्यम से ट्रैफिक, पार्किंग, स्टेज मैनेजमेंट आदि की व्यवस्था में शासन/प्रशासन की मदद करना।
सामाजिक सद्भाव एवं एकता को बढ़ावा देना (Promoting Social Harmony) विभिन्न धर्म, जाति और समुदाय के लोगों को एक साथ लाकर सामूहिक सेवा के माध्यम से आपसी भाईचारे को मजबूत करना।
सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण (Preservation of Cultural Heritage) त्योहारों की परंपराओं को जीवित रखना, नई पीढ़ी को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना और जागरूकता फैलाना।
युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों में सेवा की भावना को प्रोत्साहित करना।
त्योहारों के दौरान प्लास्टिक मुक्त अभियान, साफ-सफाई ड्राइव और पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा देना।
भीड़ में खोए हुए बच्चों को ढूंढ़ना, प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करना, और आपात स्थिति में मदद करना।
दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और कमजोर वर्गों के लिए विशेष सुविधाएं प्रदान कराना।
स्वास्थ्य, शिक्षा, जल संरक्षण, सड़क सुरक्षा आदि विषयों पर संदेश फैलाना (त्योहारों को प्लेटफॉर्म बनाकर) कार्य करना।
स्वयंसेवकों में संगठन कौशल, नेतृत्व क्षमता और अनुशासन विकसित करना।
परम्परागत पर्व त्यौहारों एवं राष्ट्रीय/त्यौहारों, पर्वों पर सामाजिक सहयोगात्मक कार्यक्रम चलाना एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करना।
संगठन द्वारा जो भी कार्य शासन-प्रशासन के सहयोग के लिए वालंटियरों/खाकसारों के माध्यम से किये जायेंगे, वह समस्त कार्य निःशुल्क होंगे।
दैवीय आपदाओं (बाढ़, सूखा, अग्निकाण्ड, भूकम्प, महामारी, ओलावृष्टि, तूफान, सुनामी), दुर्घटना, युद्ध आदि के समय पीड़ितों की हर सम्भव सहायता करना।